सुप्रीम कोर्ट ने NEET के परिणामों के बाद दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की और निर्णय लिया कि 1563 छात्रों को, जिन्हें ग्रेस मार्क्स मिले थे, फिर से परीक्षा देनी होगी।

कोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है और दो सप्ताह में जवाब देने का नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी, जिसे जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच देख रही है।
NTA ने यह घोषणा की कि छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। NEET UG 2024 की परीक्षा में ग्रेस मार्क्स प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा देनी होगी, जिसका परिणाम 23 जून को घोषित किया जाएगा और उसके बाद काउंसलिंग शुरू होगी।
याचिकाकर्ताओं ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की है। कोर्ट तीन याचिकाओं पर विचार कर रहा है, जिसमें अनियमितताओं और NTA द्वारा 1500 से अधिक उम्मीदवारों को ग्रेस मार्किंग देने के संबंध में संदेह व्यक्त किया गया है।
इन याचिकाओं में से एक फिजिक्स वाला के सीईओ अलख पांडे द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि NTA का ग्रेस मार्क्स देने का निर्णय मनमाना था। पांडे ने लगभग 20,000 छात्रों का प्रतिनिधित्व जुटाया था, जिसमें दिखाया गया कि कम से कम 1,500 छात्रों को 70-80 अंक ग्रेस मार्क्स के रूप में दिए गए थे।
दूसरी याचिका एसआईओ के सदस्य अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन द्वारा दायर की गई थी। इस याचिका में NEET-UG 2024 के परिणामों को रद्द करने और फिर से परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्रेस मार्क्स देने में मनमानी की गई थी और कई छात्रों के 718 और 719 अंक प्राप्त करना सांख्यिकीय रूप से असंभव था।
इसके अतिरिक्त, यह दावा किया गया कि NTA द्वारा ग्रेस मार्क्स देना कुछ छात्रों को “लॉस ऑफ टाइम” की भरपाई के बजाय “पिछले दरवाजे से प्रवेश” देने का एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास था। याचिकाकर्ताओं ने इस बात पर भी संदेह व्यक्त किया कि एक विशेष सेंटर से 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए।
NEET UG Result Updates
दूसरी याचिका में याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों की जांच पूरी होने तक NEET-UG 2024 प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने परीक्षा के संचालन में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की भी मांग की।
Ankita Kumar, founder of sabhigyan.com, is passionate about technology, smartphones, apps, and digital tools. With 8+ years of experience in the digital and tech space, he focuses on creating easy-to-understand, practical, and helpful content that makes everyday technology simpler for readers.
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