सरकार ने हाल ही में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को रोकने के लिए नया कानून लागू किया है। ‘लोक परीक्षा अधिनियम 2024’ के तहत विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से सख्त प्रावधान किए गए हैं। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

अधिनियम का दायरा
इस कानून के अंतर्गत आने वाली परीक्षाओं में यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड, आईबीपीएस, एनटीए की सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा जेईई, नीट, और सीयूईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी इस अधिनियम के दायरे में आती हैं।
प्रमुख प्रावधान
अधिनियम की धारा 3 में कम से कम 15 प्रकार के कृत्यों को सूचीबद्ध किया गया है, जिन्हें सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों का उपयोग माना जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- परीक्षा का प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी लीक करना।
- प्रश्न पत्र या ओएमआर शीट को बिना अनुमति के अपने कब्जे में लेना।
- परीक्षा वाले कंप्यूटर नेटवर्क या अन्य उपकरणों के साथ छेड़छाड़ करना।
- फर्जी एडमिट कार्ड या ऑफर लेटर जारी करना।
- सीटिंग अरेंजमेंट में गड़बड़ी करना।
- परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को उत्तर उपलब्ध कराना।
- ओएमआर शीट या उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ करना।
- दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करना।
- प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी लीक करने में शामिल होना।
- परीक्षा में किसी भी तरह से अनधिकृत रूप से अभ्यर्थी की सहायता करना।
- आर्थिक लाभ के लिए फर्जी परीक्षा आयोजित करना।
- मूल्यांकन में बिना अधिकार के परिवर्तन करना।
- परीक्षा संचालन में अनुचित साधनों को सुगम बनाने के लिए सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करना।
- किसी एग्जामिनेशन अथॉरिटी को धमकाना या उनकी स्वतंत्रता को खतरा पहुंचाना।
- परीक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारी को समय से पहले सार्वजनिक करना।
सजा और जुर्माना
इन कृत्यों में लिप्त पाए जाने पर न्यूनतम 3 से 5 वर्ष की कारावास और अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही, दोषियों पर एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि सेवा प्रदाता दोषी पाया जाता है, तो उसे भी एक करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा। अधिनियम के तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।
लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के माध्यम से सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली पर कड़ा प्रहार किया है। इससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा।
Anti Paper Leak Law Update
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Ankita Kumar, founder of sabhigyan.com, is passionate about technology, smartphones, apps, and digital tools. With 8+ years of experience in the digital and tech space, he focuses on creating easy-to-understand, practical, and helpful content that makes everyday technology simpler for readers.
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